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स्मार्ट सिटी मिशन

 

स्मार्ट सिटी मिशन को चार साल पूरे हो गये हैं। मिशन के प्रोजेक्ट्स को भोपाल शहर में लागू करने के लिए भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है। इन चार सालों की अवधि में भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आम नागरीकों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रोजेक्टों पर काम शुरू किया। इनमें से कई प्रोजेक्ट्स पर काम पूरा हो गया है और कई प्रोजेक्ट पर कार्य प्रगति पर है। जो प्रोजेक्ट पूर्ण हो गये है और जिनका उपयोग आम नागरिकों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे प्रोजेक्टों के संबंध में स्मार्ट सिटी कंपनी चाहती है कि प्रोजेक्ट्स की सुविधाओं व सेवाओं को और सरल व सुविधाजनक बनाया जा सकंे। इन प्रोजेक्टों के संबंध में आम नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपना सुझाव व विचार स्मार्ट सिटी कंपनी के समक्ष प्रस्तुत करें। आम नागरिकों को दी जा रही सुविधा एवं सेवा के रूप में प्रोजेक्ट्स का विवरण निन्मानुसार हैंः-

 

1. पब्लिक बाईक शेयरिंग (पीबीएस): पब्लिक बाईक शेयरिंग परियोजना के तहत नागरिकों की सुविधा के लिए शहर में 500 सायकिलें व 100 डाकिंग स्टेशन बनाए गए है। होशंगाबाद रोड पर 12 किलोमीटर का डेडिकेटेड सायकिल ट्रैक तैयार किया गया है। सायकिल किराये पर लेने की व्यवस्था ऑनलाईन व एप्लिकेशन (एप) के माध्यम से संचालित होती है। रजिस्ट्रेशन शुल्क रु. 300/- है।

 

2. मल्टीलेवल पार्किंग: स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा शहर में 3 मल्टीलेवल पार्किंग का संचालन किया जा रहा है। इनमें एम.पी. नगर, टी.टी. नगर और बैरागढ़ मल्टीलेवल पार्किंग शामिल है। इन तीनों प्रमुख बाजारों में आने वाले गा्रहकों के 2 पहिया व 4 पहिया वाहनों की सुरक्षित पार्किंग के लिए मल्टीलेवल पार्किंग में अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई है। पार्किंग को केमरा, कमांण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर से इंटिग्रेटेड किया गया है। 2 पहिया वाहन के लिए रु. 5/- व चार पहिया वाहन के लिए रु. 10/- शुल्क निर्धारित है।

 

3. स्मार्ट स्ट्रीट लाईट: इस परियोजना के तहत शहर की सड़कों की 20,500 स्ट्रीट लाईट को आधुनिक एलईडी से बदला गया है। इन लाईटस पर निगरानी के लिए व्यवस्था कंट्रोल एण्ड कमांड संेटर से इंटिग्रेटेड है। दिन ढलते ही चालू हो जाती है और सूरज निकलते ही बंद हो जाती है। व्यवस्था लक्स लेवल को देखकर की गई है, ताकि सड़कों पर अधिक से अधिक रोशनी मिल सकंे। लाईट संबंधी शिकायत के लिए शिकायत नं. 0755-4771000 और एप्लीकेशन स्मार्ट सिटी भोपाल बनाई गई है जिसे गूगल प्ले पर डाउनलोड किया जा सकता है।

5. मेयर एक्सप्रेस: स्मार्ट सिटी कंपनी ने पेन सिटी के तहत लोगों को घरेलू सेवाएं देने के लिए मेयर एक्सप्रेस शुरू की गई है। इसमें अभी 18 सेवाएं नागरिकों के लिए है। इनमें कारपेंटर, इलेक्ट्रिशियन, ड्रायवर, हेयर ड्रेसर, ब्यूटिशीयन, गार्डनर, मिस्त्री, पुताई वाला, प्लम्बर, आदि सेवाएं रियायती दरों पर दी जाती हैं। इन सेवाआंे को भोपाल प्लस एप डाउनलोड कर या फिर दूरभाष क्र. 7828121121 पर बुक कर प्राप्त किया जा सकता है।

 

6. स्मार्ट पोल: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल शहर में 150 स्मार्ट पोल लगाए गए हैं। इन स्मार्ट पोल में सर्विलेंस कैमरा, स्ट्रीट लाईट, सूचना देने के लिए बिल बोर्ड, वाई-फाई, मोबाईल टॉवर और वेदर सेंसर दिया गया है। स्मार्ट सिटी भोपाल एप पर वेदर सेंसर की रिर्पोट, वाई-फाई व वेदर सेंसर देखा जा सकता है। स्मार्ट पोल पर इलेक्ट्रिॉनिक व्हीकल चार्जिंग का भी प्रावधान किया जा रहा है।

 

7. भोपाल प्लस एप: वन सिटी वन एप की परिकल्पना को साकार करते हुए भोपाल प्लस एप तैयार किया गया है। यह एप गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से मोबाईल पर डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से बिजली का बिल, जलकर, संपत्तिकर, जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र, मेरिज रजिस्ट्रेशन आदि सेवाएं ली जा सकती है।

 

8. इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आई.टी.एम.एस): स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा शहर की टैªफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने व लोगों में ट्रैफिक सेंस को जागृत करने के उद्देश्य से आईटीएमएस सिस्टम लगाया गया है। इसमें टैªफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान की जाती है। सिस्टम के माध्यम से बिना हेल्मेट, रेड लाईट वॉयलेशन, स्टॉप लाईन वॉयलेशन, ओवर स्पिडिंग व ट्रिपल राईडिंग वालों की पहचान की जाती है। इन्हें एसएमएस व स्पीड पोस्ट के माध्यम से सूचित किया जाता है। पूरी व्यवस्था ऑटोमेेटेड है।

9. इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी): स्मार्ट सिटी कंपनी मंे देश का पहला क्लाउड बेस्ड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर तैयार किया है। इसमें शासन की 18 सेवाएं इंटिग्रेटेड है। इनमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेयर एक्सप्रेस, मल्टीलेवल पार्किंग, नगर निगम का कॉलसेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की गाडिया, ऑनलाईन बिल्डिंग परमिशन, सीएम हेल्पलाईन जैसी नागरिकों से जुडी सेवाओं को जोड़ा गया है और इनकी नियमित रूप से निगरानी रखी जा रही है।

10. हेरिटेज कंसर्वेशन प्रोजेक्ट: हेरिटेज कंसर्वेशन प्रोजेक्ट के तहत सदर मंजिल का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। यह कार्य पुरातत्ववेक्ताओं की निगरानी मंे हो रहा है। 119 साल पुरानी इस इमारत के पुराने दिन लौटाने के लिए उसी मटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है जो इस इमारत के निर्माण कार्य में उपयोग की गई थी। इनमें चूना, गुड़, सुरखी, जूट, उडद दाल आदि से किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने पर इमारत की नवाबी दौर की शान वापस लौट आएगी और यह फिर से 150 साल तक भोपाल की शान बनी रहेगी।  

टिप्पणियाँ
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Navin Malviya
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Aam janta ko pareshani ho rahi hai Nagar nigam dwara Gira ye kachra.. New Ashoka Garden Near Jain Dharamshala.. Navin Malviya
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rambabu ahirwar
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भोपाल स्मार्ट सिटी भोपाल शहर को विकसित करने के लिए अग्रसर है |
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dheer singh
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भोपाल स्मार्ट सिटी भोपाल शहर को विकसित करने के लिए अग्रसर है |
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sourabh sahu
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No one coming for cleaning Pallavi nagar, really really waste to make MP clean and smart city
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Smart City bhopal
स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित पार्क जो कि स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (सुभाष स्कूल ) के सामने है की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है की लगभग 1 माह से भी ज्यादा हो गया लेकिन टूटा हुआ पेड़ एवं गंदगी आज भी वैसी ही है ।
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